स्वास्थ्य क्या है? शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सेहत को समझें
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
What is Health
स्वास्थ्य बहुआयामी और गतिशील अवधारणा है.
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं.
जीवनशैली और सामाजिक परिवेश स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं.
Nagpur / स्वास्थ्य को लेकर हमारी समझ समय के साथ विकसित हुई है। वर्ष 1946 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्वास्थ्य को केवल बीमारी की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण कल्याण की अवस्था बताया था। बाद में 1986 में WHO ने इसे और स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वास्थ्य जीवन का उद्देश्य नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के जीवन को बेहतर ढंग से जीने का एक संसाधन है। आज के संदर्भ में स्वास्थ्य को एक गतिशील और बहुआयामी स्थिति माना जाता है, जिसमें व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता भी शामिल है।
आज यह माना जाता है कि अच्छा स्वास्थ्य केवल शरीर के सही काम करने तक सीमित नहीं है। इसमें मानसिक संतुलन, सामाजिक संबंध, भावनात्मक स्थिरता, आध्यात्मिक शांति और यहां तक कि आर्थिक सुरक्षा भी भूमिका निभाती है। उदाहरण के लिए, जिन लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है, वे कम तनाव में रहते हैं और पोषणयुक्त भोजन तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच पाते हैं। इसी तरह आध्यात्मिक रूप से संतुलित व्यक्ति जीवन में उद्देश्य और शांति महसूस करता है, जो मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है।
शारीरिक स्वास्थ्य
शारीरिक स्वास्थ्य का अर्थ है शरीर की सभी प्रणालियों का सही और संतुलित रूप से काम करना। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य की नींव हैं। साथ ही, स्वच्छता का ध्यान रखना, नशे से दूर रहना, सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना और आवश्यक टीकाकरण कराना भी शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य न केवल बीमारियों से बचाता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
मानसिक स्वास्थ्य
मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति की भावनात्मक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्थिति से जुड़ा होता है। यह केवल अवसाद या चिंता जैसी समस्याओं की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि जीवन का आनंद लेने, कठिन परिस्थितियों से उबरने और जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन बनाए रखने की क्षमता भी है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक बीमारी मानसिक तनाव या अवसाद का कारण बन सकती है, वहीं मानसिक समस्याएं शरीर के वजन, ऊर्जा और समग्र कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक
अच्छा स्वास्थ्य कई कारकों पर निर्भर करता है। इनमें आनुवंशिक गुण, पर्यावरण, शिक्षा, आय, सामाजिक संबंध और जीवनशैली शामिल हैं। किसी व्यक्ति का सामाजिक-आर्थिक स्तर (SES) भी स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है। उच्च SES वाले लोग आमतौर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और जीवनशैली अपना पाते हैं, जबकि कम SES वाले लोगों को तनाव, भेदभाव और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
जीवनशैली और स्वास्थ्य
स्वस्थ जीवनशैली स्वास्थ्य का आधार है। शोध बताते हैं कि भूमध्यसागरीय आहार जैसे संतुलित और प्राकृतिक भोजन से मृत्यु दर और हृदय रोगों का जोखिम कम होता है। इसके विपरीत, अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। तनाव प्रबंधन, सामाजिक जुड़ाव, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
स्वास्थ्य संरक्षण और वेलनेस
आज “वेलनेस” को एक सतत प्रक्रिया माना जाता है, जिसमें व्यक्ति सक्रिय रूप से स्वस्थ विकल्प चुनता है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, तनाव प्रबंधन, उद्देश्यपूर्ण जीवन और दूसरों से जुड़ाव—ये सभी वेलनेस के महत्वपूर्ण तत्व हैं।
स्वास्थ्य एक व्यक्तिगत और समग्र अनुभव है। हर व्यक्ति के स्वास्थ्य लक्ष्य अलग हो सकते हैं, लेकिन संतुलन, लचीलापन और जागरूकता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी हैं। बीमारी से पूरी तरह बचना संभव न हो, फिर भी सही आदतों और मानसिक तैयारी के साथ व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकता है।